माइग्रेन (Migraine) से परेशान हैं? पेनकिलर छोड़ें और आजमाएं ये 3 ‘इन्वर्जन’ आसन
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के आंकड़ों के अनुसार, माइग्रेन दुनिया की तीसरी सबसे आम बीमारी है। आयुर्वेद में इसे ‘अर्धावभेदक’ (आधे सिर का दर्द) कहा गया है, जिसका मुख्य कारण वात और पित्त का असंतुलन माना जाता है। आधुनिक चिकित्सा विज्ञान मानता है कि मस्तिष्क की ओर रक्त प्रवाह (Blood Flow) में अनियमितता माइग्रेन ट्रिगर करती है।
यहाँ योग के ‘इन्वर्जन आसन’ (Inversion Asanas – उल्टे होने वाले आसन) एक गेम-चेंजर साबित हो सकते हैं।
यह कैसे काम करता है? जब हम सिर को हृदय के स्तर से नीचे लाते हैं, तो गुरुत्वाकर्षण (Gravity) की मदद से मस्तिष्क की ओर ताजा, ऑक्सीजन युक्त रक्त का प्रवाह बढ़ता है। यह ‘बैरोरिफ्लेक्स’ (Baroreflex) को सक्रिय करता है जो दर्द के संकेतों को शांत करता है।
3. प्रमुख आसन
1. अधोमुख श्वानासन (Downward Facing Dog) यह आसन गर्दन और कंधों के तनाव को दूर करता है, जो अक्सर माइग्रेन का शुरुआती कारण बनते हैं।
- विधि: हाथों और पैरों को जमीन पर टिकाकर शरीर को ‘V’ आकार में उठाएं। एड़ियों को जमीन पर लगाने का प्रयास करें।
2. शशांकासन (#Child’s Pose) यह तंत्रिका तंत्र (Nervous System) को तुरंत शांत (Cool down) करता है।
- विधि: वज्रासन में बैठकर माथे को जमीन पर टिका दें और हाथों को आगे फैलाएं।
3. सेतुबंधासन (Bridge Pose) यह छाती को खोलता है और मस्तिष्क तक निर्बाध ऑक्सीजन पहुँचाता है। शोध बताते हैं कि इसका नियमित अभ्यास माइग्रेन की आवृत्ति (Frequency) को कम कर सकता है [1]।
महत्वपूर्ण सलाह इन आसनों को ‘माइग्रेन अटैक’ के दौरान न करें, बल्कि इसे रोकने (Prevention) के लिए अपनी दिनचर्या में शामिल करें।
संदर्भ (References):
- John, P. J., Sharma, N., Sharma, C. M., & Kankane, A. (2007). “Effectiveness of Yoga Therapy in the Treatment of Migraine Without Aura: A Randomized Controlled Trial.” Headache: The Journal of Head and Face Pain.
अस्वीकरण (Disclaimer): Disclaimer: People with High BP, detached retina, or cervical spondylitis should practice these poses only under expert supervision.

